मोटर वाहन संबंधित कानून--
मोटर वाहन संबंधित कानून--

देश में बढ़ती हुई आबादी के साथ दिन प्रतिदिन मोटर वाहनों की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है धन्यवाद एवं देवास इलाके में आए दिन मोटर वाहनों से दुर्घटनाएं होने लगी है दुर्घटनाओं को मध्य नजर रखते हुए सरकार ने वाहन एवं वाहन चलाने के लिए कुछ नियम कानून बनाए जिसका पालन करना अनिवार्य है

आयु सीमा का निर्धारण-

1। 18 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्ति मोटर नहीं चला सकता।
2। मोटरसाइकिल चलाने के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 16 वर्ष होना अवश्य है।
3। 20 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्ति बड़े वाहन नहीं चला सकता जैसे ट्रक बस।
4। वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक है लाइसेंस प्राप्त करने के लिए मोटरयान ड्राइविंग स्कूल से मोटरयान चलाना सीखने के पश्चात लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करें।
5। लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन को अनुज्ञापन अधिकारी के समक्ष उधर न होना आवश्यक है लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद शिक्षार्थियों को सार्वजनिक स्थान पर वाहन चलाने का अधिकार तभी प्राप्त होगा जब उसके पास वैध लाइसेंस हो।


अंतरजातीय विवाह--

सरकार ने देश में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए अर्थात समाज में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से किसी प्रकार का भेदभाव ना करें इसके लिए अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपति को ₹1000 का प्रोत्साहन पुरस्कार देता है और अन्य सुविधाएं भी प्राप्त करता है जैसे ब्याज मुक्त कर्ज देना ऐसे व्यक्तियों को बैंक से लोन लेते समय विवाह का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसके आधार पर ब्याज मुक्त कर्ज मिल सकता है।


मतदान हेतु मतदाताओं की आयु निर्धारण--

भारतीय संविधान के अनुसार मतदान करने हेतु बालक बालिका की आयु 18 वर्ष निर्धारित कर दी गई है जो कुछ समय पहले एक अश्व माना गया था नए कानून के अंतर्गत या संशोधित हुआ है।


नागरिक के मूल अधिकार (फंडामेंटल रिच्ड सिटीजंस)--

भारतीय संविधान के अनुसार नागरिक को प्राप्त मूल्य अधिकार निम्नलिखित है।
1। राज्य किसी व्यक्ति जाति लिंग अथवा जन्म स्थान के आधार पर भी किसी प्रकार का भेद नहीं करेगा।
2। मनोरंजन सार्वजनिक स्थान अथवा होटल जो अस्थान सरकार के राज्य कोष में चलाए जा रहे हो अथवा कुएं तालाब आदि जोक आम जनता के उपयोग में आते हो राज्य कोई भेदभाव नहीं करेगा।
3। राज्य स्तर किसी पद पर नियुक्त करने के लिए किसी प्रकार का भी भेदभाव नहीं करेगा।
4। समस्त नागरिक को अपनी भाषा एवं विचार व्यक्त करने का पूर्ण अधिकार होता है।
5। नागरिकों को सम्मेलन में भाग लेने का पूर्ण अधिकार है।
6। देश के नागरिकों को यह अधिकार प्राप्त है कि देश के किसी कोने में स्वतंत्र पूर्वक ब्राह्मण एवं व्यापार कर सकता है।

विदेश अधिकार-

1। किसी भी व्यक्ति को उसके प्राण अथवा शारीरिक सुरक्षा करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है जो प्रत्येक मामले में परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
2। किसी व्यक्ति को एक ही मामले में जिसका निर्णय एक बार अदालत से हो चुका है दोबारा किसी मामले में अधियो जीत नहीं किया जा सकता ।
3। किसी व्यक्ति से बल का प्रयोग करके उसमें श्रम नहीं कराया जा सकता अथवा 14 वर्ष से कम आयु वाले बालक बालिका को कार्य करने हेतु किसी कारखाने अथवा अन्य कार्य में नियोजित नहीं किया जा सकता।
4। किसी व्यक्ति को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता हर किसी को शिक्षा का समान अधिकार प्राप्त है।
5। यदि कोई व्यक्ति किसी के अधिकारों का हनन करता है तो वह प्रति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 तथा 227 के अंतर्गत न्यायालय में उक्त व्यक्ति के विरुद्ध याचिका दायर कर सकता है।