कर्जा माफी कानून

1। धारा 2 के अनुसार परिवार का मुखिया यदि तर्ज आधार हो तो उसके नाबालिग बच्चे से किसी प्रकार का कर्ज वसूल नहीं किया जाएगा
2। कानून लागू करने की तारीख परचीन कृषक मजदूरों के पास भूमि नहीं है जिनकी जीविका फसल की कटाई करना जानवरों की देखभाल करना आदि है।
3। जिस कृषक के पास ढाई एकड़ असिंचित अथवा डेड 18 सिंचित जमीन है उसमे खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करता हो ऐसी कृषकों के सारे घर सरकार ने माफ कर दिए हैं।
5। धारा 41 के अंतर्गत जिस व्यक्ति की वार्षिक आय ₹4000 वार्षिक से ज्यादा नहीं है चीन के कर्ज माफ कर दिए गए हैं।
कर्जा माफी कानून
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अनुसूचित जातियों के लिए भूमि बिक्री संबंधित कानून

हरिजन अथवा आदिवासी समुदाय की भूमिका अथवा मकान आदि अन्य जाति के लोग नहीं खरीद सकते दिखाई देना चाहे तो जिला अधिकारी से अनुमति प्राप्त करना अवश्य है, वह व्यक्ति जो जमीन बेच रहा है| उसके पास 3:30 एकड़ से अधिक होना चाहिए तभी उसे बेचने का आदेश प्राप्त हो सकता है।

बैंक से कर्ज प्राप्त करने की शर्तें
यदि कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित शर्त पूरी करना अवश्य है।
1। लोन लेने वाले की आय ₹3000 मासिक से अधिक ना हो
2। लोन लेने वाले के पास 1 एकड़ से अधिक जमीन ना हो।
3। कारोबार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने हेतु बैंक से कर्ज लिया जा सकता है किंतु वह व्यक्ति ऐसा होना चाहिए जो 3 वर्ष से अधिक समय से कारोबार कर रहा हो।
4। कर्ज लेने वाले व्यक्ति अधिकांश स्वयं अथवा अपने परिवार के सदस्य की सहायता से काम करता हो किसी वेतन भोगी व्यक्ति को नौकरी पर नहीं रखता हो।
5। जो व्यक्ति लकड़ियां काट बेचकर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं उसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
6। विकलांग व्यक्ति यदि किसी प्रकार का उद्योग लगाना चाहते हैं, अथवा किसी प्रकार का व्यापार करना चाहते हैं उन्हें बैंक से लोन मिलेगा।
बैंक से कर्ज प्राप्त करने की शर्तें


जबरन चंदा वसूली करना
यदि कोई व्यक्ति या संगठन किसे व्यापारी दुकानदार को डरा धमकाकर या घास दिखाकर जबरन चंदा वसूलने का प्रयास करता है तो वह भक्ति धारा 213 के अंतर्गत अपराधी माना जाए सरकार ने या कानून धार्मिक संस्थाओं के नाम पर चंदा वसूलने का कार्य करने वाले झूठे किस्म के लोग के लिए बचाया जो निजी स्वास्थ्य की पूर्ति के लिए ऐसा कार्य करते हैं।


रोजगार योजना
भारत सरकार ने उन बेरोजगार पढ़े लिखे शिक्षित युवाओं के लिए यह कार्यक्रम बनाया जो बेकारी की अवस्था में सड़कों पर घूम रहे हैं, छोटे किस्म के धंधे व्यापार मोटर मैकेनिक अथवा अन्य कोई प्रकार के रोजगार करने हेतु शिक्षित युवाओं को बैंक से कर्ज मिलता है, कर्ज लेकर वे युवक धंधा रोजगार करके स्थापित हो सकते हैं, और आय के अनुसार किस्तों में बैंक से लिए हुए कर्ज वापस कर दे।

आनायालय आदि संस्थाओं के लिए कर्ज
सरकार ने देश में चल रहे अनाथालय एवं नारी निकेतन संस्थाओं को कर्ज देने का कानून बनाया है ऐसी संस्थाओं को बैंक से करनूल सकता है ऐसी संस्थाओं जहां विकलांग को आवास प्राप्त हो वहां छोटे बच्चे की खिलौने गेंद रबड़ की वस्तुएं प्लास्टिक के खिलौने बनाए जाते हैं उनके लिए आसानी से कर मिल सकता है ऐसी संस्थाओं पर किसी प्रकार का आयकर लागू नहीं होता किंतु बैंक यह निश्चित करने के बाद ही कर देता।