यूरोप में राष्ट्रवाद के विकास संस्कृति के योगदान।

नाश्ता विकास में जितना योगदान युद्ध क्षेत्रीय विकास का रहा है। श्री एक महत्वपूर्ण भूमिका संस्कृति की भी रही है। कला काव्य कहानी और संगीत आदि ने भी राष्ट्रवादी भावनाओं को प्रोत्साहित करने में अपना बड़ा सहयोग दिया।
राष्ट्रवाद के उत्थान में संस्कृति का क्या हाथ रहा इसका पहला उदाहरण हमें कैरोल करपीसकी के संस्कृतिक प्रयत्न में मिलता है। जिसने अपने आपेरा‌ और संगीत में अपने देश पोलैंड का गुणगान किया और पोलेनेस और मांजुयका जैसे लोक नृत्य को राष्ट्रीय प्रतीकों ने बदल दिया यह ऐसे महान कलाकारों के सांस्कृतिक प्रयासों का ही फल था। पोलैंड रूस रसिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे महान शक्तियों के चंगुल से निकलकर स्वतंत्र हो सका।

राष्ट्रवाद में संस्कृति के प्रभाव का दूसरा उदाहरण फ्रांसीसी चित्रकार डेला क्रवा द्वारा उपस्थित किया गया। जिसने अपने चित्र मसेकर एट की आस मैं यह दर्शन का प्रयत्न किया कि किस प्रकार की आस के द्वीप पर तुर्को ने कोई 20000 यूनानी का वध कर डाला इस चित्र द्वारा उस चित्रकार ने लोगों की भावनाओं को उभार कर यूनान के संघर्ष के प्रति लोगों में सहानुभूति जगाने का प्रयत्न किया।
संस्कृति की राष्ट्रवादी के उत्थान में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसका तीसरा उदाहरण दो जर्मन भाइयों जैकबगिम और ‌विलहेलम गिम ने प्रस्तुत किया उन्होंने 1812 ईसवी में अपनी लोक कथा का पहला संग्रह प्रकाशित किया इन कहानी में उन्होंने फ्रांस के वर्चस्व को जर्मन संस्कृति के लिए बड़ा खतरा बताया और इस प्रकार एक जर्मन राष्ट्रीय पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।



  • 19वीं शताब्दी में यूरोप में अनेक देशों में राष्ट्रीयता की         भावनाएं पनपने लगी और देखते ही देखते। वहां अनेक राष्ट्रीय राज्यों का जन्म हुआ ऐसे दो देशों का विवरण निम्नलिखित है  जहां राष्ट्रीयता का विकास हुआ।
  • बेल्जियम--1814 ईसवी की बिआना कांग्रेस ने बेल्जियम को हालैंड के साथ मिला दिया था परंतु बेल्जियम के निवासी कट्टर कैथोलिक थे। तथा हॉलैंड वाले कट्टर प्रोटेस्टेड थे। होलेंड का शासक केवल हॉलैंड वालों को ही उच्च पद देता था। तथा उसने सब विद्यालयों में प्रोटेस्ट धर्म की शिक्षा की आज्ञा दे दी थी 1830 में बेल्जियम वालों ने विद्रोह कर दिया इंग्लैंड ने विद्रोहियों का साथ दिया अत एवं होलेंड को बेल्जियम छोड़ना पड़ा।  1830 ईसवी में ही बेल्जियम ने इंग्लैंड जैसा विधान अपने यहां लागू कर दिया।
  • पोलैंड--वीआना कि कांग्रेस ने पोलैंड का बहुत सा भाग उसको दे दिया था। धीरे-धीरे वहां के लोग में राष्ट्रीयता की भावना जागने लगी तथा 1848 इसवी में पोलैंड ने वारसा के स्थान पर क्रांति आरंभ हुई। रूसी सेनाओं ने इस विद्रोह को बड़ी कठोरता के साथ दबा दिया विद्रोहियों को यह आशा थी। कि उन्हें पश्चिमी यूरोप देश की सहायता प्राप्त होगी परंतु यह देश रूस से दुश्मनी मोल लेने को तैयार न थे। आताएव विद्रोहियों ने दोबारा विद्रोह करने का साहस न किया।




बाल्कन प्रदेशों में राष्ट्रवादी तनाव-----
क) बाल्कन प्रदेश में अनेक जातियां समूह निवास करते थे
बल्कि क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा ऑटोमन साम्राज्य के नियंत्रण में था जो अपने पतन के कगार पर था।
ख) अस्सलाम बाल्कन के जातीय समूह की उदारवादी और राष्ट्रवादी विचारों से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। अतः सभी जातीय समूह राष्ट्रीय राज्य की मांग करने लगे।
ग) बाल्कन राज्य एक दूसरे से भारी दुश्मन करते थे। और हर एक राज्य अपने लिए ज्यादा से ज्यादा इलाका हथियाना चाहते थे।
घ) रूस जर्मनी इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया की हर ताकत बाल्कन पर अन्य शक्तियों की पकड़ को कमजोर करके क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहती थी।