पहले विश्व युद्ध ने भारत में राष्ट्रीय आंदोलन के विकास में किस प्रकार योगदान दिया।



क) प्रथम विश्वयुद्ध में भारी संख्या में भारतीयों को सेना में भर्ती किया गया। यूरोपीय देशों में स्वतंत्र आता वरण और लोकतंत्र संगठनों का उन पर अपने देश में भी लोकतंत्र की स्थापना कर सकते हैं राजनीतिक जागृति और आत्मविश्वास की प्रबल भावना पहले विश्वयुद्ध के बाद विकसित हुई।
ख) युद्ध व्यय की पूर्ति के लिए रिटेल अपने उपनिवेश पर अतिरिक्त कर एवं राजनीतिक स्थिति उत्पन्न हुई। सरकार की आर्थिक नीतियों से वस्तुओं की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई।
ग) देश के कई भागों में फसलें नष्ट हो गई थी। जिससे परिणाम स्वरूप खदानों की कमी हो गई तथा कई क्षेत्रों में अकाल पड़ गई इसी बीच फलू‌ जैसी महामारी फैल गई जिससे भारी संख्या में लोगों मौत हो गई।
घ) अंग्रेजी सरकार ने भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए डिफेंस  औफ इंडिया एक्ट 1915 ईस्वी में लागू किया इसके बाद क्रांतिकारी आंदोलन कम होने के बजाय और तेज हो गया उपयुक्त परिस्थितियों के प्रति सरकार का रूप न सिर्फ उदासीन बल्कि असहयोगज्ञातमक‌ जिसके परिणाम स्वरूप लोगों में सरकार के प्रति असंतोष और विद्रोह का भाव पनपा‌‌ तथा लोग राष्ट्रवादी आंदोलन के लिए मजबूर हुए।

गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को वापस लेने का जो फैसला किया।

असहयोग आंदोलन अपने पूरे जोरों पर चल रहा था। जब महात्मा गांधी ने 1922 ईस्वी को इसे वापस ले लिया इस आंदोलन के वापस लिए जाने के निम्न कारण थे-
क) महात्मा गांधी अहिंसा और शांति के पूर्ण समर्थ थे। इसलिए जब उन्हें यह सूचना मिली कि उत्तेजित भीड़ ने चोरी चोरा के पुलिस थाने को आग लगा कर 22 सिपाहियों की हत्या कर डाली है तो वह परेशान हो उठे उन्हें तब विश्वास ना रहा कि वे लोग को‌ शांत रख सकेंगे ऐसे में उन्होंने असहयोग आंदोलन को वापस ले लेना ही उचित समझा।
ख) दूसरे वे सोचने लगे कि यदि लोग हिंसक हो जाएंगे तो अंग्रेजी सरकार भी उत्तेजित हो उठेगी। और आतंक का राज स्थापित हो जाएगा और अनेक निर्दोष लोग मारे जाएंगे महात्मा गांधी जलियांवाला बाग जैसे हत्याकांड की पुनरावृति नहीं करना चाहते थे इसलिए 1922 ईस्वी में उन्होंने असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया।


जलियांवाला बाग हत्याकांड:-

क) रॉलेट एक्ट के विरोध मैं महात्मा गांधी और सत्यपाल किचलू गिरफ्तार हो चुके थे इस गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए 13 अप्रैल 1919 ईस्वी के वैशाली पर्व के दिन अमृतसर में जलियांवाला बाग में एक जनसभा का आयोजन किया गया।
ख) अमृतसर के सैनिक प्रशासक जनरल डायर ने इस सभा को अवैध घोषित कर दिया था परंतु सभा हुई थी तब उसने वहां पर गोली चलवाई थी इसमें सैकड़ों व्यक्ति मौत का शिकार हो गए थे।
ग) इस हत्याकांड के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने एक हंटर आयोग स्थापित किया था और उस आयोग की रिपोर्ट के बाद जनरल डायर को अनेक समान दिए गए थे। इससे महात्मा गांधी आशा सहयोगी हो गए थे और उन्होंने असहयोग आंदोलन चलाने का निश्चय किया था।
घ) जलियांवाला बाग हत्याकांड भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटना थी इससे भारत भर में रोष की लहर फुट पड़ी।