मानसूनी घटना की कहानी

क्या है की डायरी का होती है। यह लंबे समय से रोजाना लिखे गए थे अनुभव का लेख है। आप नारी का प्रयोग जो बात आप तुरंत भविष्य में न चाहे केले भी कर सकते हैं। सबसे प्रसिद्ध डायरियो में से एक जो किताब के तौर पर प्रकाशित हुआ है। वह एन फ्रैंक की डायरी यहां उच्च हिस्से रसिकन बाड की डायरी से है जिनमें उन्होंने प्राकृतिक मूल चमत्कारों और जीवन की छोटी-छोटी खुशियां हो और पूछताओ‌ का चित्रण किया है। 


जून 24
मानसून के कोहरे का पहला दिन और या अजीब है। कि कैसे सभी पक्षी शांत हो जाते हैं। जब कोहरा पहाड़ी पर चढ़ता है शायद यही तो है भरे को इतना दुखदाई बनाता है। ना केवल्या पहाड़ियों को ढक लेता है। वह इन्हें शांति में भी घेर लेता है। एक घंटा पहले ट्रेन पक्षियों के गांव से गूंज रहे थे और अब जंगल में मौत का सन्नाटा है जैसै आधी रात को।
      कोहरे में से बिज्जू अपनी बहन को पुकार रहा है। मैं उससे सुन सकता हूं दौड़ते हुए पहाड़ी पर परंतु उसे मैं देख नहीं सकता।
जून 25
कुछ असली पूर्व मानसून वर्षा उसने और नाम और वह सर्दी नहीं जो इतनी ऊंचाई पर हम देख रहे। साल भर लगता है। पौधे भी इसे जानते हैं। और प्रथम कोबरा लिली और फन उठाता है पुष्प हीन पौधे से जैसे मैं बैंक और डाकघर की ओर जाता हूं।
      ‌ कोहरे में एक गोपनीयता है।
       एक स्कूली छात्र ने मुझे पर्वतीय पर्यटन स्थान और घाटी को एक वाक्य में वर्णन करने को कहा और जो मैं कह सकता था एक स्वर जो रहा होगा।

जून 27
वर्षा ने घोषणा कर दी कुछ मोसमी अंखियों की एक तेंदुआ और हजारों जोक। कल दोपहर को तेंदुए ने एक बकरी को स्कूल के नीचे नौकरों के घर के पास से उठा लिया शाम को उसने बिज्जू की एक डाल पर हमला बोला परंतु बीजू की मां ने आने पर भाग जो ककोश्ती हुई आई थी।

जहां तक जो की बात है। मैं जल्द ही खून  चुशवाने का आदि हो जाऊंगा। बाकी जो नए आए हैं। वह हैं लाल रंग के विनी बेट्स (मादा बिल्ली होती है) जो पत्तों के बीच से गजब से उड़ते रख की तरह चुपके से गुजरते हैं। चाहे कितना भी पत्ते दान पेड़ क्यों ना हो चमकीले रंग के पक्षी अपने आप को छुपा नहीं सकते। हालांकि बिल्कुल शांत रहने पर भी कभी-कभी ना पहचान ने जाने की युक्त लगाते हैं । साथ आए हैं एक डोगोस ‌ का जोड़ा गैर जरूरी गुस्से वाला मिनीवेट्स को दूर भगाते हुए।

अगस्त 2
पूरी रात बरसात छत पर बचती रही है कोई तूफान नहीं आया है न गड़गड़ाहट हुई है बस एक निरंतर चाबुक सा मारुति वर्षा या मुझे जगाए रखने में सहायक है साथ ही यह मुझे सोने से रोकती भी नहीं यह पढ़ते वक्त होती अच्छी आवाज है बाहर वर्षा अंदर शांति और टीन की छत बेहिसाब लिक को रोकने के लिए एक सप्ताह है उससे दूर रहने का और तब भी उनके संपर्क में बारिश के।

अगस्त 3
वर्षा रूकती है। बादल बिखरने लगते हैं। सूर्य मेरे बाएं और पहाड़ी पर प्रकाश डालता है। एक औरत लकड़ियां काट रही है। मुझे गाय की घंटियां की आवाज सुनाई पड़ती है।ओक के पेड़ पर एक कुआं अपने पंखो से वर्षा की बूंदे झाड़ता है ।और दुख से कांव कांव करता है।
एक नाले के पाइप से पानी रिश्ता है। और अचानक साफ और शुद्ध एक बारिश का गीत उभरता है। जैसे एक गहरी मधुर रहस्य घाटी की गहराइयों से।

अगस्त 12
अनंत वर्षा और एक स्थान कोहरा हमने सूर्य 8 या 9 दिन से नहीं देखा है। बस कुछ उत्साह इन नाम और दलदली है। कोई नजर आने को नहीं कमरे में घुसते रहो खिड़की से बाहर कुछ खुले छात्रों को देखो कम से कम यह ठंडी वर्षा नहीं है। पहाड़ी हरी-भरी हो गई है मानसून पश्चात के फूल उभरना शुरू हो गए हैं। जंगली बालसम ,‌ दहलियास, बेगोनियास, और ग्राउंड और किड्स।


अगस्त 31
 यह अगस्त का अंतिम दिन है। और मानसून पैदावार अपनी चरम पर है कोबरा लिली के बीज लाल हो रहे हैं।यह प्रतीक है। कि वर्षा का अंत हो रहा है।
कुछ तो मैं महीन पत्तियां वाले पौधे पीले होने शुरू हो जाएंगे। परंतु अब तक वे सीधे और हरे हैं। रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे माओ लेडीस स्लीपर और व्हाइट बटरफ्लाई नान पर एक एहसान प्रदर्शनी देते हैं। सफेद ढहलीया लाल किला और चटा गुलाबी अपना सिर चटाई दरारों से उठाते हैं जब जम गए हैं।
     सांप और कबूतर खाने वाले बीज अपने 62 और बिल्लू से उमड़ आए हैं। और छतों पर सबसे ऊपर वाले कमरों में और गोदामों में शरण ले रहे हैं एक छछूंदर जिसकी आंखें कमजोर है कमरे में भटक रहा है बच्चों को हंसाने के लिए काफी है।
"इसे मत मारो" उसकी दादी चेतावनी देती है छछूंदर भाग्यशाली होते हैं। वह पैसा लाते हैं। और निश्चित तौर पर डाक से मुझे चेक प्राप्त होता है। एक बहुत बड़ा तो नहीं पर स्वागत योग्य है।

अक्टूबर 3
हम सीधे मानसून से सर्दी की बरसात में चले गए हैं। ऊंचाई पर बर्फ है। शाम की ओला ब्रेस्ट के पश्चात आसमान और पहाड़ियां पर सुंदर स्वर्ण में प्रकाश में भर गई है।

जनवरी 26
घर की खामोश शांती मैं
जब मैं बिल्कुल अकेला होता हूं। और मेरा मित्र जो जहां था।
चला गया यह बहुत एकांत है। बहुत शांत जैसे मैं उठता हूं।एक नम शांति ने एक साथ स्वर्ण के अंदर बारिश की धुन से घिरे हुए निरंतर इकट्ठा होना पानी का पत्तों पर नींबू पर छत पर गिले दलियास और खिड़की के शीशे पर बजते हुए जब तक कोहरा घेरे हैं। घर को एक प्यारे अंधेरे में जब मैं खिड़की के पास होता हूं बारिश रुक जाती है। और फिर शुरू हो जाती है। और पेड़ आज हरे नहीं परंतु भूरे डराते मुझे इनके अकेलेपन से।

23 मार्च
मार्च का अंत सर्दी का अंत सबसे काला बादल जो मैंने आज तक देखा मसूरी पर फैल गया और तब आधे घंटे तक ओला वृद्धि हुई कोई वर्षा नहीं आसमान को साफ करने के लिए जब मैं लिख भी रहा हूं मैं एक इंद्रधनुष बनते देखता हूं।