1. कंपनी की विजय (1757-1849)


क) अपनी उत्तम हथियारों की मदद से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी 18वीं शताब्दी में भारत में अपनी शक्ति बढ़ा रही थी।
ख) भारतीय राजा संकोरण विचारधारा की थी (वह राजा ज्यादा शक्तिशाली हो रहा है। अंग्रेज व्यापारियों को बुलाओ।) वे इसे हराने में मेरी मदद करेंगे इस तरह की लगातार लड़ाई हो से लोग तंग आ चुके थे।
ग)  विरोधियों ने ईस्ट इंडिया कंपनी की सहायता की और इसने भारतीय राजाओं को एक-एक करके हरा दिया।
घ)  एक दूरदर्शी शासक जैसे मैसूर कार टिप्पू अपने मरते दम तक अंग्रेजों से लड़ा।
च) भारतीयों ने इन विषयों पर क्या प्रतिक्रिया है कि? (भगवान का शुक्र है। देश में शांति है अब ना तो युद्ध होंगे और नहीं ठग को आक्रमण) (भगवान ने ब्रिटिश को हमारे लिए भेजा है।) (हमारा भाग्य उनके हाथों बंधा है।)
छ)  (गौरो ने या तो हमारे राजाओं को मार दिया है या गद्दी से उतार दिया है।) (कुछ राजा अच्छे नहीं थे किंतु फिर भी वह इस देश के थे।)(अब हम विदेशियों के गुलाम बन गए हैं।)


2. ब्रिटिश शासक (1765-1836)

(ख)  (संसार के सभी दुख औरतों के कारण हैं।)
(ग)  सच्चाई यही थी। कि भारतीयों ने आत्म सम्मान को दिया था। अंग्रेज उन्हें डांटते थे। (यहां के निवासी विश्वास के योग्य नहीं हैं|और बेईमान है।) (सच महाराज किंतु मैं ईमानदार हूं।)
(घ) व्यापारी होने के नाते ब्रिटिश अधिक लाभ चाहते थे। उनके भारी करो ने किसानों को अपनी भूमि छोड़ने पर मजबूर कर दिया (किंतु तुम्हारे आदमी मेरी सारी फसल ले रहे हैं।) (अभी भी तुमने कर्ज नहीं चुकाया है, अगर तुम इसे अगले सप्ताह तक नहीं चुकाते तो मैं तुम्हें जेल भेज दूंगा।) (भयंकर अकाल पढ़े और 1822 से 1836 के बीच 15 लाख भारतीय भूख से मर गए।)
(च) अब भी ब्रिटिश दूसरे ऐसे तरीकों की खोज कर रहे थे, जो उन्हें अधिक लाभ दे सकें। (इंग्लैंड में बने माल पर भारत में आयात शुल्क नहीं लगना चाहिए।) (यह अच्छा विचार है।) ईस्ट इंडिया कंपनी ने कानूनों ने भारतीय उद्योग को रौढना आरंभ कर दिया।
(छ) ब्रिटिश नीतियों ने कुशाल कलाकारों और उनके व्यवस्थाओं को बर्बाद कर दिया।

3. राममोहन राय (1772 - 1833)


क) राममोहन राय बंगाल का एक विद्वान व्यक्ति था, ने जाना कि देश के साथ कुछ गलत हो रहा था। (हमें अपने आप को निराश नहीं करना चाहिए। हमारी प्राचीन संस्कृति महान है और हम उच्चतर उपलब्धियों को पा सकते हैं। हमें देश में सर्वप्रथम पूर्ण जागरण लोन चाहिए। अंधविश्वास में हमें बर्बाद कर दिया है।
ख) उसने अपनी पत्नी उमा से कहा-(गायों के कई रंग होते हैं। किंतु दूध का रंग समान रहता है। इसी प्रकार विभिन्न गुरुओं के विचार अलग-अलग हैं किंतु प्रत्येक धर्म का सारा एक ही है।)
ग) यह विज्ञान व आधुनिक ज्ञान से प्रभावित थे। (ज्ञान सदैव प्रायोगिक और वैज्ञानिक होना चाहिए।) उनसे समाचार पत्र प्रारंभ किए किंतु शंकालु अंग्रेजों ने इसे 1823 में बंद करवा दिया।
घ) उनसे समुद्र को पार किया और इंग्लैंड गया यह जानने के लिए कि वह इतने शक्तिशाली कैसे बनते हैं। वहां उसने उन्हें बताया (हमने आपको अपना शासन स्वीकार किया है। और आपको भी हमें प्रजा स्वीकार करना चाहिए। किंतु आपको एक राजा का अपनी प्रजा के प्रति जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।)

शोषण (1765 - 1835)

ख) इस पूरे समय भारत मैं अंग्रेज अफसरों के वेतन बहुत बढ़ गए थे। और वे निजी व्यवसाय में भी बहुत लाभ कमा रहे थे।

ग) 1829 तक अंग्रेज भारत में सात करोड़ मूल्य का अंग्रेजी माल निर्यात कर रहे थे। अंग्रेज कंपनी की इस लूट से धानी होते गए और भारतीय उद्योग दम तोड़ते गए।

घ) गवर्नर जनरल बैटिक ने इंग्लैंड वापसी लौटकर बताया (भारत के समतल मैदानों पर सुत काटने वालो की हडि्डयों बिछी पड़ी है।)

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